Mindset

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Chapter 1 : Believe You Can Succeed And You Will
(भरोसा करें कि आप सफल हो जायेंगे)

खुद पर विश्वास करना सीखें। विश्वास में बहुत ताकत होती है।

यह विश्वास करें कि आप life में बहुत आगे जा सकते हैं।
बहुत पैसा कमा सकते हैं।

इज्जत – शोहरत सब हासिल कर सकते हैं।

विश्वास करेंगे तो यह सब पा लेंगे।

लेकिन अगर खुद पर ही शक करेंगे और सोचेंगे कि मैं इस काबिल नहीं हूँ तो कभी आगे नहीं बढ़ पाओगे।

इसलिए खुद पर विश्वास करना सीखें।

खुद पर विश्वास को मजबूत करने के लिए लेखक ने 3 तरीके बताये हैं :

1. कोई भी काम शुरू करने से पहले यह सोचें कि मैं इसमें सफल रहूँगा। यह न सोचें कि fail हो जाऊँगा।

काम शुरू करने के 21 दिन पहले ही यह बोलना शुरू कर दें – कि मैं successful होकर रहूँगा।

और ऐसा दृढ़ता से करें। और बार -बार करते रहें।

2. अक्सर खुद को याद दिलाते रहें कि आप खुद को जितना काबिल समझते हो उससे कहीं बेहतर हैं।

दूसरों के criticism पर जरा भी विश्वास न करें।

लोग तो भगवान् को भी criticize करते हैं।

इसलिए लोगों की नहीं अपनी आवाज सुनें।

और वह आवाज है – मैं एक दिन कुछ बड़ा करके दिखाऊँगा। मुझे खुद पर पूरा भरोसा है।

3. बड़े goals बनायें।

लाखों नहीं करोड़ों और अरबों कमाने के सपने देखें।

छोटी से नौकरी नहीं बल्कि कंपनी का CEO बनने का लक्ष्य बनायें।

सितारों को छूने के सपने देखें। अगर आप थोड़ा सा चूक भी गए तो भी कम से कम चाँद पर तो होंगे।

इसलिए बड़े goals बनायें और उन्हें पाने के लिए पूरी मेहनत से जुट जाएँ।


Chapter 2 : Cure Yourself Of Excusitis
(बहानेबाजी की बीमारी का इलाज कीजिये)

दोस्तो, बहुत बार हम जिंदगी में कुछ बड़ा नहीं कर पाते।

इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी बहाने बनाने की आदत।

कुछ बहाने इस तरह के होते हैं –

1. मेरे में इतना दिमाग नहीं है।

2. मेरी health अच्छी नहीं है।

3. मेरी उम्र बहुत ज्यादा या कम है।

4. किस्मत कभी मेरा साथ नहीं देती।

5. अभी ठीक समय नहीं चल रहा।

तो ज्यादातर लोगों को इस तरह के बहाने बनाने की बीमारी होती है।

जिसे लेखक Excusitis कहते हैं। क्युँकि excuse का मतलब ही होता है बहाने बनाना।

अगर आपको life में आगे बढ़ना है तो इस तरह के सभी बहाने बनाना छोड़ दीजिये।

अगर कोई बिज़नेस शुरू करना है तो कीजिये।

इसके लिए न बहुत दिमाग चाहिए, न उम्र, न अच्छा दिन या mood ।

यह सब तो बहाने मात्र हैं।

बहाने बनाने की वजाय यह देखें कि आपके हाथ में क्या है और आप क्या कर सकते हैं।

एकदम से कुछ बड़ा नहीं कर सकते तो शुरू में कुछ छोटा कीजिये।

धीरूभाई अम्बानी पहले सिर्फ मामूली से क्लर्क थे। फिर उन्होंने Textile का बिज़नेस शुरू किया।

उसके बाद धीरे -धीरे करके उन्होंने अपना बिज़नेस फैलाया।
और आज देखिये Reliance कितनी बड़ी Comany बन चुकी है।

धीरूभाई जी के पास बहुत शिक्षा नहीं थी। उस समय उनकी उम्र भी ज्यादा हो चुकी थी।

लेकिन उन्होंने इन सबका बहाना नहीं बनाया।

बल्कि एक goal बनाया और एक strategy बनाकर आगे बढ़ते गए।

इसलिए आप भी Excusitis से आज ही निजात पाईये।

बहाने बनाना छोड़िये और अपने काम में जुट जाइये।


Chapter 3 : Build Confidence And Destroy Fear
(कॉन्फिडेंस बढ़ाइए और डर को खत्म कीजिये)

अगर आपको किसी भी काम से डर लगता है तो उसका सामना करें।

उस काम को छोटे parts में बाँट लें। और धीरे -धीरे उन parts को करें।

जैसे किसी महिला को अगर स्कूटी चलाने से डर लगता है तो एकदम से ही स्कूटी पर न बैठ जाएँ।

पहले दिन सिर्फ स्कूटी को पकड़ना सीखें।

अगले दिन स्कूटी को पकड़कर पैदल ही चलाएँ।

फिर स्कूटी पर बैठकर पैर नीच रखकर उसे सरकायें।

और अंत में उसे धीमी गति से चलाना शुरू करें।

तो इस तरह से आप गिरेंगे भी नहीं और डर भी नहीं लगेगा।

ऐसे ही अगर public speaking करनी हो तो पहले दीवार के सामने बोल कर practice करें।

फिर कुछ friends के सामने बोलें।

इस तरह 30 दिन तक practice करें। आप देखेंगे कि आप कुशल वक्ता बन रहे हैं।


Chapter 4 : How To Think Big
(बड़ा कैसे सोचें )

1. अपनी dictionary से छोटी सोच वाले शब्द निकाल दें।
जैसे – सारी दुनिया बुरी है।

मुझे बस कोई छोटी सी job मिल जाये तो बहुत है।

बिज़नेस मेरे जैसों के लिए नहीं होता, मेरी इतनी औकात कहाँ ?

यह सब छोटी सोच वालों के शब्द होते हैं। आज ही ऐसी बातें बोलना या सोचना बंद कर दें।

2. बड़ी सोच वाले शब्दों का इस्तेमाल करें। जैसे –

हाँ यह मुश्किल है लेकिन मैं सीखकर यह कर सकता हूँ।

सभी लोग बुरे नहीं होते। बहुत से लोग helpful होते हैं।

मेरी जिंदगी खुशहाल है और आगे भी रहेगी। आदि।

3. ऐसे लोगों से प्रेरणा लें जो कभी आपसे बुरी हालत में थे लेकिन आज बहुत सफल हैं।

4. नयी -नयी किताबें पढ़ें। जो स्कूल – कॉलेज में नहीं पढ़ाई जातीं।

आप इस blog पर ऐसी किताबों की summary आराम से पढ़ सकते हैं।

आप देखेंगे कि summary पढ़ते ही आपकी सोच भी बड़ी हो गयी है।

और आप पहले से motivated feel करेंगे।

5. अपनी जॉब से प्यार करें। कभी भी अपने desk के आगे लोगों की भीड़ न लगने दें। हर किसी का काम उसी वक़्त कर दें। न कि टाल – मटोल करें।

इससे आप बहुत efficient हो जायेंगे। सब आपकी तारीफ करेंगे। और आपको खुद पर गर्व होगा।

6. छोटे लोगों की negative बातों को ignore करें। और अपने बड़े goal पर ही ध्यान रखें।

कोई मजाक उड़ाए या criticize करे, तो आप सिर्फ patience रखें और कोई reaction न दें।

ऐसे लोग आपके इस बर्ताब को देखकर अपने आप ही चुप हो जायेंगे।


Chapter 5 : How To Think And Dream Creatively
(नए ढँग से सपने कैसे देखें)

दोस्तो, हमारा brain बहुत ही विचित्र ढँग से काम करता है।

जैसे आपको एकदम से बोला जाए कि लोगों के आगे speech दो, तो क्या होता है ?

बहुत से लोग घबराने लगते हैं। उनकी साँस फूल जाती है। उनका मुँह सूख जाता है।

लेकिन वही लोग जब घर पर अकेले होते हैं तो घंटों उस topic पर जोर -शोर से बोल सकते हैं।

इसका मतलब है हमारा brain बहुत बार हमारे control में नहीं होता। बल्कि उस वक़्त subconscious हम पर हावी हो जाता है।

Subconscious में अपार शक्ति है। इससे बात करना सीखें।

अगर आप यह सीख गए तो इससे कुछ भी करवा सकते हैं।

सोने से पहले अपने Subconscious से बोलें –

1. मुझे confidence चाहिए।

2. मैं बहुत अच्छा orator बनना चाहता हूँ।

अगर बहुत दिनों तक यह बोलेंगे तो आपका Subconscious इसके लिए प्रोग्राम हो जायेगा।

और आप public speaking से घबराएंगे नहीं।

इसी तरह आप नए ideas या dreams के लिए भी Subconscious को प्रोग्राम कर सकते हैं।

अपने Subconscious से कहें –

1. मेरे लिए एक नया बिज़नेस idea ढूँढो।

2. मैं अमीर बनना चाहता हूँ।

3. मैं खुश रहना चाहता हूँ।

तो इस तरह आपको life में जो भी चाहिए, उसकी command अपने Subconscious को दें।

लेकिन यह कई दिनों तक करना पडेगा। और बिना शक या संदेह के साथ।

ऐसा न हो कि एक तरफ बोलें कि मुझे confidence चाहिए।

और दूसरी तरफ यह सोचने लगें कि मैं कभी यह नहीं कर पाउँगा।

दो विरोधाभासी thoughts आपके दिमाग में नहीं होने चाहियें।

इससे Subconscious ब्रेन confuse हो जायेगा। और आपकी command follow नहीं करेगा। बल्कि automation पर चलता रहेगा। अपने आप ही डर और anxiety के निर्णय लेता रहेगा। जो बहुत बार गलत होते हैं।

इसलिए Subconscious brain का इस्तेमाल करना सीखें।


Chapter 6 : You Are What You Think You Are
(आप जैसा सोचते हैं, वैसा ही बन जाते हैं)

जैसा आप सोचते हैं वैसे ही बन जाते हैं।

अगर आप यह सोच लेंगे कि आप हमेशा गरीब रहेंगे तो सच में ही गरीब रहेंगे।

इसके विपरीत यह सोचेंगे कि एक दिन आप किसी न किसी तरह से अमीर बन जायेंगे, तो सच में बनेंगे।

क्युँकि आपके यह विचार आपका subconscious brain सुनता रहता है।

अगर अमीर बनने के thoughts दिमाग में लायेंगे तो आपका subconscious आपके लिए नए -नए ideas ढूँढने में जुट जायेगा।

आपको नयी skills सीखने के लिए प्रेरित करेगा।

ऐसा ही हर field में होता है।

अगर सोचेंगे कि आपमें confidence नहीं है तो सच में ही कभी confidence develop नहीं होगा।

हर चीज आपके सोचने से शुरू होती है।

इसलिए हमेशा positive सोचें।

कभी भी negative विचारों को अपने brain में न घुसने दें।

आपका brain एक बागीचा है और आप उसके चौकीदार।

इसलिए negative thoughts को बागीचे में न आने दें।

नहीं तो सारा बागीचा ही खराब हो जायेगा।


Chapter 7 : Manage Your Environment
(अपने आस -पास का माहौल सुधारें)

आपकी जिंदगी पर आपके आस -पास के माहौल का भी बहुत असर पड़ता है। इसलिए अपने माहौल का ध्यान रखें :

1. कभी भी छोटी thinking वाले लोगों के साथ न उठे -बैठें।

2. हमेशा successful लोगों से सलाह लें। Fraud लोगों से नहीं।

3. अगर आस -पास अच्छे लोग नहीं हैं तो अच्छी books पढ़ें और नया ज्ञान हासिल करें। ( जैसे इस blog पर अच्छी books मिल जाएँगी)।

4. किसी के बारे में negative न बोलें। अफवाहों पर विश्वास न करें । न उन्हें फैलायें। हमेशा विश्वास करने से पहले evidence मांगें।

5. हर चीज में खुद को First class बनायें। Third class लोगों से दूर ही रहें।


Chapter 8 : Make Your Attitudes Your Allies
(अपनी सोच को दोस्त बना लें)

दोस्तो आपके सोचने के ढँग को ही आपका attitude कहते हैं।

कुछ लोग branded कपडे पहनकर सोचने लगते हैं कि वे कोई celebrity हैं और घमंड करने लगते हैं।

और लोग कहने लगते हैं कि वह तो attitude दिखा रहा है।

सबका attitude या सोच अलग होती है। कुछ लोग महंगे कपडे पहनकर भी बहुत humble रहते हैं।

तो यह तो था कि attitude क्या होता है।

आइये अब समझते हैं कि अपने attitude को अपना दोस्त कैसे बनायें जिससे वह सफल होने में आपकी help करे।

लेखक कहते हैं कि निम्न attitude अपनाने से आप life में बहुत सफल हो जायेंगे : 1. I Am Mentally Strong Attitude
यह life का सबसे अहम् attitude है।

कभी भी खुद को कमजोर न समझें। हमेशा खुद से बोलें – मैं अंदर से strong हूँ।

मैं मुश्किल घडी में भी हिम्मत नहीं हारता।

बुरा वक़्त भी मुझे नहीं तोड़ सकता।

इस तरह एक attitude वाले व्यक्ति को कभी anxiety और depression नहीं हो सकते।

2. Service First Attitude
इस attitude से आप जिंदगी में बहुत सफल हो सकते हैं और बहुत सा पैसा भी कमा सकते हैं।

हमेशा पहले दूसरों की सेवा करें।

बहुत से बिजनेसमैन लालच में आकर सिर्फ पैसे पर ध्यान देते हैं। उन्हें ग्राहकों से कोई लेना -देना नहीं होता।

इसलिए उनका बिज़नेस जल्दी चौपट हो जाता है।

इसलिए आपको अगर किसी भी बिज़नेस में सफल होना है तो अपने customer की सेवा और सहायता का भाव रखें।

अगर वे संतुष्ट रहेंगे तो आपका बिज़नेस बहुत तरक्की करेगा।

इससे आप humble भी रहेंगे। यह सब आपको और ज्यादा successful बनाएगा।

3. Do more than others
दूसरों से ज्यादा करें।

बाकी लोग जितना कर रहे हैं आप उनसे थोड़ा सा ज्यादा करने की कोशिश करें।

यह भी सफलता का राज है।

जैसे अगर दूसरे blogger 500 शब्दों की पोस्ट लिख रहे हों तो आप 1000 शब्दों की लिखें।

बहुत से blogger 3 से 6 महीने में ही blog छोड़ कर भाग जाते हैं। और फिर कह देते हैं – blogging से dead।

जबकि ऐसा नहीं है। Blogging में सफलता पाने के लिए time लगता है।

अगर आप blog शुरू कर रहे हों तो कम से कम एक साल तक अपने blog पर काम करें। बाकियों की तरह भागें नहीं। सफलता जरूर मिलेगी।


Chapter 9 : Think Right Toward People
(लोगों के लिए अच्छा सोचें)
लोगों के लिए अच्छा सोचें, बोलें और करें।

क्युँकि लोगों के जरिये आपकी अच्छी -बुरी reputation बनती है और चारों ओर फैलती है।

अगर आप किसी से rudely बात करेंगे तो क्या होगा ?

वह आदमी दस और लोगों को बताएगा कि आप बेहद बुरे इंसान हैं।

वे दस लोग आगे और दस लोगों को बता देंगे। और इस तरह आपकी गलत reputation बन जाएगी।

इसलिए सबकी respect करें। और तमीज से बात करें।

इसमें कोई भी पैसा खर्च नहीं होता।

बल्कि फायदा ही फायदा मिलता है।

कुछ लोग दूसरों की कमियों का मजाक उड़ाते हैं।

ऐसा कभी न करें। अगर बाकी लोग ऐसा कर रहे हों तो उस अकेले आदमी का पक्ष लें। और सबको समझाएँ।

न कि उनके साथ मिलकर उस अकेले का मजाक उड़ाने लग पड़ें।

इससे वह आदमी सारी जिंदगी आपकी इज्जत करेगा। और जब भी उसे मौका मिलेगा आपका भला ही करेगा।

ऐसे ही दूसरों की गलतिओं को भी ignore करें। उन्हें सुधरने का मौका दें। क्युँकि कोई भी perfect नहीं होता।


Chapter 10 : Get The Action Habit
(काम में जुटने की आदत डालिये )
 – ( The Magic of Thinking Big Hindi Summary)

बहुत से लोग बिस्तर में पड़े -पड़े day – dreaming करते रहते हैं।

बड़े बड़े प्लान बनाते हैं।

जैसे कि ऐसा बिज़नेस लगाऊँगा, वैसा करूँगा, सबको दिखाऊँगा कि मैं क्या हूँ।

लेकिन सारा दिन बीत जाता है और वह आदमी करता कुछ नहीं है।

इसलिए सोचिये और बोलिये कम और करिये ज्यादा।

अगर blog लगाना चाहते हैं तो सोचते मत रहिये। या सिर्फ Youtube पर videos ही मत देखते रहिये।

अपनी blog post लिखने में जुट जाइये।

यह मत सोचिये कैसे लिखूँ या क्या लिखूँ। बस लिखने बैठ जाइये।

आदमी का दिमाग बहुत ही ताकतवर होता है। उसमे करोड़ों ideas होते हैं।

जब आप लिखने बैठेंगे तो ideas आ ही जायेंगे।

इस तरह कोई भी काम हो, उसका goal बनाइये और उसे करने के लिए जुट जाइये।

अगर bill भरने को हैं तो उसी वक़्त भर दीजिये।

कोई pending काम पड़ा है तो अभी करने लग जाइये।

Planning में सिर्फ 5 मिनट लगाइये। बाकी का 95 % उस काम को करने में लगाइये।

Perfection की चिंता मत करिये। जैसा होता है कर दीजिये।


Chapter 11 : Use Goals To Help You Grow
(लक्ष्य बनाइये और आगे बढिये)– (The Magic of Thinking Big summary in Hindi)

बिना goal के जिंदगी जीना वैसा ही है जैसे उस बस में बैठना जिसकी मंजिल का ही पता नहीं है।

फिर आप पहुँचोगे कहाँ।

इसलिए goals बनाने की आदत डालिये।

Goal एक दिन के लिए हो सकता है।

एक हफ्ते का हो सकता है

एक महीने, एक साल या 10 साल के लिए भी हो सकता है।

जैसे आज के दिन का goal कोई blog post लिखना या exercise करना हो सकता है।

हफ्ते का goal कोई assignment तैयार करना हो सकता है।

महीने का goal किसी addiction जैसे smoking, porn, alcohol आदि से छुटकारा पाना हो सकता है।

एक साल का goal नयी skill जैसे coding, blogging, digital marketing, swimming, या कोई language सीखने का हो सकता है।

इस तरह goal बना कर काम कीजिये। और अपनी growth कीजिये।

इससे आपकी personality एक अलग ही level पर चली जाएगी।

आपको हर काम में सफलता तो मिलेगी ही, देखने वाले भी हैरान हो जायेंगे।

लेकिन goal बनाने के साथ -साथ एक discipline यानि नियम की भी जरुरत पड़ती है।

ऐसा न हो goal तो बना लिया लेकिन कोई action ही नहीं लिया।

Daily 5 मिनट ही exercise करें लेकिन रोज करें।

उस आदमी की तरह न करें कि एक दिन तो 3 घंटे exercise की और फिर 6 महीने के लिए गायब हो गए।

इसलिए goal की तरफ बेशक एक ही कदम लें, मगर प्रतिदिन लें


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